उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर पहला हाई-स्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) नेटवर्क तैयार करने जा रही है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹32,000 करोड़ है, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार और NCRTC मिलकर विकसित करेंगे।
यह कॉरिडोर औद्योगिक शहर कानपुर, राजधानी लखनऊ और धार्मिक नगरी अयोध्या को एक सूत्र में पिरोएगा।
फेज 1 (कानपुर से लखनऊ): पहले चरण में कानपुर के नयागंज से लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट तक लगभग 67 किलोमीटर लंबे ट्रैक का निर्माण किया जाएगा, जिससे दोनों शहरों के बीच का सफर सिर्फ 40 मिनट का रह जाएगा।
फेज 2 (लखनऊ से अयोध्या): दूसरे चरण में इस कॉरिडोर को अमौसी से आगे बाराबंकी होते हुए सीधे अयोध्या तक विस्तारित किया जाएगा।

यह 187 किलोमीटर लंबा ट्रैक निम्नलिखित 12 चुनिंदा स्टेशनों से होकर गुजरेगा, जिन्हें विशिष्ट औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और टूरिज्म हब (जैसे एयरोहब, लॉजिस्टिक्स डिस्ट्रिक्ट) के रूप में विकसित किया जाएगा:
नयागंज (कानपुर - पहला स्टेशन)
उन्नाव
बशीरगंज
नवाबगंज
बंथरा
अमौसी (लखनऊ एयरपोर्ट)
सुशांत गोल्फ सिटी
जुग्गौर
बरेल
सफदरजंग
भितरिया
अयोध्या (अंतिम स्टेशन)
इस कॉरिडोर का मुख्य इंटरचेंज हब लखनऊ होगा, जो अन्य सभी शहरों की कनेक्टिविटी को नियंत्रित करेगा। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से न केवल दैनिक यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय रियल एस्टेट सेक्टर को भी बड़ा बूस्ट मिलेगा।
A premier ₹368 Crore tech initiative in Vrindavan Yojna, Lucknow, designed to establish Uttar Pradesh as a leading hub for Artificial Intelligence, technology, and IT innovation.
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