
लखनऊ। नवाबों के शहर लखनऊ को एक बड़े टेक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने कदम और तेज कर दिए हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और राजस्व विभाग मिलकर आईटी सिटी के दूसरे चरण (Phase-2) के विस्तार की तैयारियों में जुट गए हैं। इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशासन द्वारा एक बेहद कड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है।

प्रोजेक्ट के दायरे में आने वाले 11 चिन्हित गांवों में जमीनों की खरीद-बिक्री (रजिस्ट्री) पर पूरी तरह से रोक लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इस प्रस्ताव की संवेदनशीलता और जरूरत को देखते हुए लखनऊ के जिलाधिकारी (DM) ने अपनी लिखित सहमति दे दी है। डीएम की मंजूरी मिलने के बाद अब इस पूरी फाइल को अंतिम मुहर के लिए उत्तर प्रदेश शासन (Government) के पास भेज दिया गया है। शासन से हरी झंडी मिलते ही इन सभी 11 गांवों में रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरी तरह से लॉक कर दिया जाएगा।
जब भी सरकार किसी बड़े प्रोजेक्ट या टाउनशिप की घोषणा करती है, तो उस क्षेत्र में अवैध कॉलोनाइजर और भू-माफिया सक्रिय हो जाते हैं। लोग मुनाफा कमाने के लिए धड़ाधड़ जमीनों की खरीद-बिक्री शुरू कर देते हैं, जिससे जमीनों के दाम अचानक आसमान छूने लगते हैं। रजिस्ट्री पर रोक लगाने से:
यदि आप भी लखनऊ के सुल्तानपुर रोड, मोहान रोड या आईटी सिटी के आसपास के ग्रामीण इलाकों में इन्वेस्ट करने की सोच रहे हैं, तो विशेष सावधानी बरतें। प्रभावित गांवों में कोई भी डीलर आपको "सस्ती जमीन" या "प्रोजेक्ट के पास" होने का झांसा देकर फंसा सकता है। रजिस्ट्री पर रोक लगते ही आपका पैसा ब्लॉक हो सकता है।
हमेशा ध्यान रखें कि लखनऊ में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले वह प्रोजेक्ट LDA से स्वीकृत और UP-RERA में रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है।
A premier ₹368 Crore tech initiative in Vrindavan Yojna, Lucknow, designed to establish Uttar Pradesh as a leading hub for Artificial Intelligence, technology, and IT innovation.
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