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उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए गाजियाबाद के मोदीनगर के निवाड़ी क्षेत्र में लगभग 100 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। इस भूमि पर उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) एक आधुनिक औद्योगिक हब विकसित करेगा। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 91 हेक्टेयर भूमि किसानों से अधिग्रहित की गई है, जबकि लगभग 9 हेक्टेयर ग्राम सभा से हस्तांतरित की गई है। किसानों को प्रचलित सर्किल रेट का चार गुना तक मुआवजा दिया गया है।

यह औद्योगिक हब उत्तर प्रदेश में विनिर्माण (Manufacturing), लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और MSME सेक्टर को बढ़ावा देगा। परियोजना के पूरा होने के बाद बड़ी संख्या में नए उद्योग स्थापित होने की संभावना है, जिससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही, गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में औद्योगिक निवेश और रियल एस्टेट गतिविधियों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में विकसित करना है। यह नया औद्योगिक हब इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है और भविष्य में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि को नई दिशा दे सकता है।

  • परियोजना का लक्ष्य: इस आधुनिक औद्योगिक हब का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

  • विकसनकर्ता: यह पूरी परियोजना उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) के मार्गदर्शन और देखरेख में विकसित की जाएगी।

  • भूमि विवरण: कुल 100 हेक्टेयर भूमि में से लगभग 91 हेक्टेयर भूमि किसानों से अधिग्रहित की गई है, जबकि शेष 9 हेक्टेयर भूमि ग्राम सभा द्वारा हस्तांतरित की गई है।

  • किसान मुआवजा: राज्य सरकार ने किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए उन्हें प्रचलित सर्किल रेट का चार गुना तक उचित मुआवजा प्रदान किया है।

संभावित लाभ और प्रभाव:

  • आर्थिक विकास: यह औद्योगिक हब मुख्य रूप से विनिर्माण (Manufacturing), लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) सेक्टर को बढ़ावा देगा।

  • रोजगार के अवसर: परियोजना के पूरा होने के बाद, यहाँ बड़ी संख्या में नए उद्योग स्थापित होंगे, जिससे क्षेत्र में हजारों की संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

  • रियल एस्टेट और निवेश: इस पहल से न केवल गाजियाबाद बल्कि नोएडा और दिल्ली-एनसीआर के संपूर्ण औद्योगिक और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

  • आर्थिक भविष्य: यह औद्योगिक हब पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि को एक नई दिशा देने में सक्षम होगा, जिससे राज्य का समग्र औद्योगिक परिदृश्य और अधिक सुदृढ़ बनेगा।




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